जलालपुर में अंबेडकर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: सामाजिक एकता का संदेश, जगह-जगह लगाए जलपान के कैंप
जलालपुर । डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जलालपुर में हर्षोल्लास और श्रद्धा का माहौल रहा। वाजिदपुर से विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक समितियों के संयुक्त नेतृत्व में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे नगर भ्रमण कर लोगों को बाबा साहेब के विचारों से जोड़ने का कार्य किया। शोभायात्रा में विभिन्न आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। झांकियों के माध्यम से डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, शिक्षा, संविधान निर्माण और समानता के संदेश को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। गायक पंचम परदेशी ने गाना गाकर लोगों को आकर्षित किया. विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने भी इस आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई। जलपान और सम्मान की विशेष व्यवस्था शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान सबसे आकर्षक पहल जिला उद्योग व्यापार मंडल की रही। मंडल के जिलाध्यक्ष आनंद जायसवाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने एक विशेष कैंप लगाया, जहां शोभायात्रा में शामिल सभी लोगों के लिए जलपान की सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही, समिति के सदस्यों को बाबा साहब की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। बाबा साहेब के विचारों को किया याद, दिया एकता का संदेश कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए समाज में भाईचारा, समानता और सामाजिक एकता का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने जिस संविधान की नींव रखी, उसे मजबूत बनाना हम सबका कर्तव्य है। गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी इस अवसर पर जिला उद्योग व्यापार मंडल के साथ-साथ कई अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से जिला महामंत्री आदित्य गोयल, जिला कोषाध्यक्ष सीताराम अग्रहरि, जिला उपाध्यक्ष देवेश मिश्र, मनोज पांडे, प्रह्लाद शर्मा, शंभु गुप्ता, संतोष गुप्ता, मोहन जायसवाल, शशिकांत पांडे और आकाश अग्रहरि ने भाग लिया। प्रशासन का सुरक्षा इंतजाम शोभायात्रा को सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। एसडीएम राहुल गुप्ता, सीओ अनूप कुमार सिंह और कोतवाल अजय प्रताप यादव के नेतृत्व में पुलिस बल मौजूद रहा। उनकी सतर्कता और योजनाबद्ध सुरक्षा व्यवस्था के चलते शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर रहा, बल्कि सामाजिक चेतना और एकता का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ।