
उत्तर प्रदेश मे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का क्रियान्वयन देश मे सबसे तेज गति से हो रहा
आवेदन की स्वीकृति एवरेज टाइम मात्र 100 दिन
स्वीकृत प्रस्तावों के स्ट्राइक रेट 98 प्रतिशत साथ उत्तर प्रदेश देश मे शीर्ष स्थान पर
लखनऊ: 25 नवम्बर, 2025
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन व उनके कुशल नेतृत्व मे खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) योजना का क्रियान्वयन बेहतरीन तरीके से किया जा रहा है।उत्तर प्रदेश मे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का क्रियान्वयन देश मे सबसे तेज गति से हो रहा। आवेदनो/ प्रस्तावों की स्वीकृति एवरेज टाइम मात्र 100 दिन है। स्वीकृत प्रस्तावो के स्ट्राइक रेट 98 प्रतिशत साथ उत्तर प्रदेश देश मे शीर्ष स्थान पर है।
खाद्य प्रसंस्करण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटित धनराशि रू0 311.71 करोड़ के सापेक्ष रू0 252.89 करोड़ धनराशि व्यय की जा चुकी है तथा तृतीय किश्त हेतु खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार को बजट की मांग हेतु पत्र प्रषित किया जा चुका है।प्रदेश में विभिन्न बैंकों के द्वारा पीएम एफएमई योजना के अन्तर्गत 2000 करोड़ से अधिक टर्म लोन स्वीकृत किया गया है।
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी एल मीणा ने बताया कि पीएम एफएमई योजना के अन्तर्गत इस वर्ष स्वीकृत प्रस्ताव सर्वाधिक हैं, जिनका स्ट्राइक रेट 98 प्रतिशत है जो कि प्रथम स्थान पर है। एवरेज टाइम 100 दिन, एवरेज टर्म लोन 10 लाख एवं एवरेज अनुदान धनराशि रू. 04 लाख प्रति इकाई स्वीकृत है, जो देश में सर्वाेत्तम है। उद्योग लगवाने के लिए प्रत्येक जनपद में 1000 जनपदीय रिसोर्स पर्सन (डी.आर.पी.) की तैनाती जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों द्वारा की गयी है। एक इकाई की स्थापना कराने में इन्हें धनराशि रू. 20000 की धनराशि उपलब्ध करायी जाती है।




