जलालपुर में गूंजा “जय भवानी, जय शिवाजी” का उद्घोष: छत्रपति की जयंती
जब इतिहास के पन्नों में वीरता और सुशासन की बात होती है, तो एक नाम सबसे ऊपर आता है – छत्रपति शिवाजी महाराज। यह नाम केवल एक राजा का नहीं, बल्कि हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक, कुशल प्रशासक और अन्याय के खिलाफ सबसे बड़े योद्धा का प्रतीक है। अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर कस्बे ने आज उसी वीरता को नमन किया। शिवाजी तिराहा स्थित प्रतिमा स्थल पर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। जय शिवाजी के नारों से गूंजा शिवाजी तिराहा सुबह से ही शिवाजी तिराहा भक्तिमय माहौल में तब्दील हो गया। कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने एकत्रित होकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। चारों ओर "जय भवानी, जय शिवाजी" के उद्घोष गूंज रहे थे, मानो पूरा वातावरण शौर्य और राष्ट्रभक्ति से सराबोर हो गया हो। भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए लोगों ने महाराज को याद किया और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। "शिवाजी महाराज अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा हैं" कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रकाश यादव ने अपने संबोधन में छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और कर्तृत्व पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा: "शिवाजी महाराज सिर्फ इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं हैं, बल्कि वह हर उस भारतीय के दिल में बसते हैं, जो अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहता है। उन्होंने मुगलों जैसी ताकतवर सल्तनत को चुनौती दी और स्वराज्य की नींव रखी। यह हमारा सौभाग्य है कि हम उनकी जयंती मना रहे हैं।" संकल्प शक्ति से असंभव को भी संभव किया जा सकता है कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर अध्यक्ष संदीप अग्रहरि ने कहा कि शिवाजी महाराज ने यह साबित कर दिया कि यदि संकल्प शक्ति मजबूत हो, तो अत्याचारी सत्ताओं को भी चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने आगे कहा: "शिवाजी महाराज सिर्फ एक योद्धा नहीं, बल्कि एक आदर्श राजा थे। उन्होंने महिलाओं का सम्मान किया, किसानों की रक्षा की और हर वर्ग के उत्थान के लिए काम किया। आज हमें उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है।" कार्यक्रम का संयोजन विकास निषाद ने किया, जिन्होंने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष रामकिशोर राजभर,पूर्व नगर अध्यक्ष संजीव मिश्र, डॉ. महेंद्र प्रताप चौहान, सुरेश गुप्त, कृष्ण गोपाल गुप्त, अरुण मिश्र, शीतल सोनी, जितेन्द्र शिल्पी, सोनू गौड़, नृपेन्द्र कुशवाहा, सोनू गुप्ता, दुर्गेश गुप्ता, शिवम आर्य, विनय मिश्र, शिवनाथ त्रिपाठी, अजीत निषाद, प्रह्लाद शर्मा, रेनु प्रजापति, अजय प्रजापति, महेश जायसवाल, दीपचंद जायसवाल, आत्माराम गुप्ता, सुनील प्रजापति, चन्दन यादव, मोहन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे l