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Indian Zoological Welfare Society द्वारा Sri Krishna Dutt Academy के सहयोग से आयोजित सम्मेलन में स्टॉल कॉर्नर मुख्य आकर्षण के रूप में उभरकर सामने आए।

विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया

Indian Zoological Welfare Society द्वारा Sri Krishna Dutt Academy के सहयोग से आयोजित सम्मेलन में स्टॉल कॉर्नर मुख्य आकर्षण के रूप में उभरकर सामने आए। पूरे कार्यक्रम के दौरान ये स्टॉल जिज्ञासा और सराहना का केंद्र बने रहे, जहाँ देशभर से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके नवाचारों की प्रशंसा की।

**B.Sc., B.F.A. एवं D. Pharma** के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया, जिसने सभी आगंतुकों को अत्यंत प्रभावित किया।

**B.Sc. विभाग** द्वारा हर्बल कॉस्मेटिक उत्पादों की आकर्षक श्रृंखला प्रदर्शित की गई, जिसमें हेयर मास्क, हर्बल हेयर ऑयल, फेस पैक, प्राकृतिक साबुन एवं हर्बल शैम्पू शामिल थे। ये सभी उत्पाद पूर्णतः प्राकृतिक अवयवों से निर्मित थे। रासायन-मुक्त एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की यह पहल सभी को अत्यंत पसंद आई।
मौसम और होली पर्व को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों ने हर्बल गुलाल एवं विभिन्न प्राकृतिक रंग भी तैयार किए, जिन्हें प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक खरीदा। यह स्टॉल “गो ग्रीन” एवं सतत विकास के संदेश का सशक्त उदाहरण बना।

**मनोविज्ञान विभाग** द्वारा प्रतिभागियों की मानसिक शांति का आकलन एवं व्यक्तित्व परीक्षण की गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन इंटरैक्टिव गतिविधियों ने आगंतुकों को अपने मनोवैज्ञानिक पक्ष को समझने का अवसर प्रदान किया, जिसकी सभी ने सराहना की।

वहीं **ललित कला (B.F.A.) विभाग** के विद्यार्थियों ने रेज़िन से निर्मित आर्टिफिशियल ज्वेलरी, आकर्षक फ्रिज मैग्नेट, सुंदर हस्तनिर्मित कलाकृतियाँ तथा लाइव इंस्टेंट स्केचिंग के माध्यम से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी रचनात्मकता एवं कल्पनाशीलता ने स्टॉल को एक जीवंत और कलात्मक स्वरूप प्रदान किया।

इन सभी स्टॉल कॉर्नर्स का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशीलता (Entrepreneurship) की भावना विकसित करना था, ताकि वे केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहकर उसे व्यावहारिक रूप में भी लागू करना सीखें। यह पहल इस बात का प्रमाण रही कि “Learning by Doing” ही वास्तविक शिक्षा का सार है।

समग्र रूप से, स्टॉल कॉर्नर्स ने सम्मेलन को रंग, रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक नवाचार से परिपूर्ण कर दिया और वास्तव में पूरे कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सिद्ध हुए।

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