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मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के कार्यों की समीक्षा की

बजट को समय से खर्च करने के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए

मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के कार्यों की समीक्षा की

सभी विभाग आवंटित बजट का समय से प्रयोग करें, ताकि परियोजनाएं और योजनाएं
समय से पूर्ण हो सकें तथा प्रदेशवासी इन योजनाओं लाभ उठा सकें : मुख्यमंत्री

बजट को समय से खर्च करने के लिए प्रत्येक स्तर पर
अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए

जिन विभागों के आवंटित बजट के कुछ अंश को किन्ही कारणों से अभी
तक जारी नहीं किया गया, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित किया जाए

आगामी बजट को विभागों को आवंटित करने से पूर्व
उनके पिछले पांच वर्षों के खर्च की समीक्षा की जाए

लखनऊ : 02 जनवरी, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय के विषय में वित्त विभाग की समीक्षा की। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागों के बजट प्राविधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों, विभागाध्यक्ष द्वारा आवंटन, व्यय आदि की अद्यावधिक प्रगति पर अधिक बजट प्राविधान वाले प्रमुख 20 विभागों का प्रस्तुतिकरण किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने सभी प्रमुख विभागों के उच्चाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभाग आवंटित बजट का समय से प्रयोग करें, ताकि परियोजनाएं और योजनाएं समय से पूर्ण हो सकें तथा प्रदेशवासी इन योजनाओं लाभ उठा सकें। बजट को समय से खर्च करने के लिए अधिकारी निर्णय लेने का सामर्थ्य विकसित करें। जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनमें इस कार्य में तेजी लाने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर प्रत्येक माह बैठक करें। बजट को समय से खर्च करने के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभागों के अधिकारी त्वरित निर्णय लें। निर्णय लेने में देरी करने से बजट समय से व्यय नहीं हो पाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन विभागों को विभिन्न योजनाओं के लिए केन्द्र सरकार से बजट जारी किया जाता है, सम्बन्धित विभाग के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार से बजट जारी करने के लिए पैरवी करें। इसके साथ ही, केन्द्र सरकार को पत्र लिखें और फोन से फॉलोअप करते रहें। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव भी इनीशिएटिव लें। जिन विभागों के बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनको चिन्हित करते हुए विभागीय मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने वित्त विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन विभागों के आवंटित बजट के कुछ अंश को किन्ही कारणों से अभी तक जारी नहीं किया गया है, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित किया जाए। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर सभी विभागों के साथ बैठक कर अभी से बजट मांग की समीक्षा करें। आगामी बजट को विभागों को आवंटित करने से पहले उनके पिछले पांच वर्षों के खर्च की समीक्षा की जाए। वित्त विभाग नई कार्ययोजना को लेकर अभी से तैयारी शुरू करे। आगामी बजट आवंटन को लेकर केन्द्र सरकार से बेहतर समन्वय बनाएं, ताकि समय से बजट मिल सके।
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