चौधरी मुकेश सिंह की खास रिपोर्ट
*4जनवरी शुक्रताल, मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश
*राष्ट्रीय बौद्धिक महाधिवेशन का सफल आयोजन पूर्ण*
महापुरुषों को समर्पित राष्ट्रीय बौद्धिक महाधिवेशन वीरांगना नीरा आर्य वैदिक योग गुरुकुल,महर्षि दयानंद धाम शुक्रताल के प्रांगण में आयोजित हुआ जिसमें महापुरुषों को श्रद्धांजलि दे कर याद किया गया *
महापुरुष स्मृति सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जसबीर सिंह मलिक ने बताया कि भारतवर्ष के इतिहास में अमर बलिदानी वीरवर गोकुला सिंह,1857 क्रांति के अमर शहीद क्रांतिकारी महाराजा नाहर सिंह,अमर संत शिरोमणि श्री धन्ना भगत ने अपनी वाणी से लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था व विश्वास को आगे बढ़ाया,फैसला लिया गया कि गुरुकुल को प्रेरणा स्थल घोषित कर हर पूर्णिमा को धन्ना भगत की वाणी का प्रसार प्रचार करने के लिए महा यज्ञ,लंगर भंडारा आयोजित किया जायेगा।अपना प्रेरणाश्रोत बना कर नस्ल और फसल को संरक्षित करने हेतु संकल्प लिया गया।सभी प्रमुख पंथ व संस्थाओं की भागीदारी से सर्वसम्मति से महापुरुषों पर और अधिक क्रियान्वयन हेतु प्रस्ताव पारित किया गया कि महापुरुषों की जीवनगाथाओं पर आधारित महाग्रंथ लिखा जायेगा,जनसंपर्क कर बुराईयों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जायेगा।*राष्ट्रीय बौद्धिक महाधिवेशन में महापुरुष स्मृति सभा द्वारा मनाया जायेगा
वीरांगना नीरा आर्य वैदिक योग गुरुकुल महर्षि दयानंद धाम के संरक्षक योगाचार्य ब्रह्मचारी स्वामी रामानंद वेश ने बताया कि वीरांगना नीरा आर्य वैदिक योग गुरुकुल योग सहित अन्य खेलो के जरिए प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर उभारने का कार्य कर रहा है गुरुकुल ने राष्ट्र को अनेक खिलाड़ी दिए हैं।महायज्ञ में भाग ले कर श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यातिथि मुख्यमंत्री के सलाहकार स्वामी देवनाथ महाराज ने कहा कि प्रेरणा स्थल बनने से इतिहास के राष्ट्र के सपूत अमर बलिदानियों,वीर योद्धाओं की अमर गाथाओं को देख कर प्रेरणा ले सकेंगे,उनकी सरकार अपने महापुरुषों के प्रति दृढ़संकल्पित है
इस अवसर पर वीरांगना नीरा आर्य (वैदिक गुरुकुल)योग क्रीड़ा शिक्षण संस्थान, महर्षि दयानंद धाम की कार्यकारिणी के अध्यक्ष जसबीर सिंह मलिक ने इतिहास बताते हुए मंच का सफल संचालन किया,कारसेवा गुरु साहिब व भारतीय किसान मजदूर उत्थान संगठन के अध्यक्ष सरदार संतोख सिंह सोढ़ी पंवार ने बताया कि महापुरुषों सहित किसान आंदोलन में शहीद हुए सभी 752 किसानों को श्रद्धांजलि व आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना पाठ किया गया।इस अवसर पर इतिहास से जुड़ी पुरानी अनुपलब्ध प्राचीनतम पुस्तकों का भव्य मेला,महापुरुषों की चित्र प्रदर्शनी व कलेंडर वितरण किए गए, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षिका प्रीति आर्य व सविता राणा आर्य निरूपडा यज्ञ ब्रह्मा रही।योगा सहित आत्म रक्षा कलाओं का मेधावियों द्वारा प्रदर्शन ने सबका मन मोह लिया,श्रेष्ठ प्रतियोगियों को प्रमाणपत्र सहित पदक दिए गए।सभी जाति,वर्ग,संप्रदायों,धर्मों का अद्भुत संगम रहा।भयंकर शीत लहर व सर्दी की परवाह न करते हुए काफी संख्या में महापुरुष स्मृति सभा,वीरांगना नीरा आर्य वैदिक गुरुकुल,भारत वर्षीय इतिहास शोध पीठ, विश्व वैदिक सभा,भारतीय किसान मजदूर उत्थान संगठन,संपादक संघ,प्रजापिता श्री ब्रह्माकुमारी संस्थान,सिख संगत क़ौमी कारसेवा पंजाब,पूर्व अध्यापक संघ,आर्य समाज उत्तरप्रदेश,प्रमुख खाप पंचायतें व सभी सामाजिक संगठन प्रमुख व कार्यकारिणी सदस्य, प्रवेश ब्रह्मकुमारी,प्रदेश प्रभारी जगपाल सिंह,श्रवन कुमार,स्वामी भजना नन्द,किसान नेता राजवीर सिंह मुंडेठ, अंतर्राष्ट्रीय बॉडी बिल्डर विक्रम सिंह सहरावत,मित्रपाल सिंह मलिक,दिनेश हुड्डा,राजेंद्र सिंह दहिया,बबलू दहिया,धीर सिंह,राजेंद्र सिंह पवार,बाबूलाल जट्ट मुझेड़ा,अनूप प्रधान सिखेड़ा,विपिन कुमार,अनिल,फूल सिंह,दिनेश एवं भारी संख्या में क्षेत्रीय निवासी एवं आए हुए अतिथि अतिथि उपस्थित रहे।







