श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान नियमावली, 1962 की धारा 28 (क) में संशोधन का प्रस्ताव रखा
खुदरा और बिक्री स्टोर (retail and sales stores) जैसे कुछ प्रतिष्ठान ऐसे हैं जहाँ कर्मचारी, खासकर युवतियाँ और महिलाएँ, दिन में लंबे समय तक खड़े रहते हैं।

लखनऊ 14/नवम्बर/2025
खुदरा और बिक्री स्टोर (retail and sales stores) जैसे कुछ प्रतिष्ठान ऐसे हैं जहाँ कर्मचारी, खासकर युवतियाँ और महिलाएँ, दिन में लंबे समय तक खड़े रहते हैं।
लंबे समय तक खड़े रहने से न केवल उनके पैरों और टखनों में दर्द होता है, बल्कि पैरों और टखनों में सूजन, पीठ के निचले हिस्से में दर्द, सामान्य थकान, जोड़ों का पुराना दर्द, वैरिकाज़ नसों (varicose veins) की समस्या, रक्त संचार संबंधी समस्याएँ, प्लांटर फ़ेशिआइटिस (plantar fasciitis) (एड़ी में दर्द और एड़ी के स्पर की समस्या) आदि भी हो सकती हैं।
इसका संज्ञान लेते हुए, श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान नियमावली, 1962 की धारा 28 (क) में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिसके अन्तर्गत दुकानों और प्रतिष्ठानों के मालिकों से बैठने की सुविधा (जैसे कुर्सी, स्टूल या बेंच) उपलब्ध कराने की आवश्यकता की गई है ताकि कर्मचारी समय-समय पर ऐसी सुविधा का उपयोग कर सकें (जैसे आधे घंटे में एक बार 2-5 मिनट की अवधि पर)।
केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में ऐसे कानूनी प्रावधान हैं। उत्तर प्रदेश भी इस तरह के प्रगतिशील कदम उठाने में शामिल हो गया है।
संपर्क सूत्र: सोनी सिंह, सूचना अधिकारी.




