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शिक्षाशास्त्र विभाग में पौधरोपण, स्वच्छता अभियान और जागरूकता मार्च

शिक्षाशास्त्र विभाग में पौधरोपण, स्वच्छता अभियान और जागरूकता मार्च

शिक्षाशास्त्र विभाग में पौधरोपण, स्वच्छता अभियान और जागरूकता मार्च

लखनऊ: 22 नवंबर, 2025

लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग में पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों के अंतर्गत “हरित व स्वच्छ लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर” अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में पर्यावरणीय चेतना जागृत करना और विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ व हरित बनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षाशास्त्र विभाग से हुई, जहाँ बी.एड. और एम.एड. के छात्रों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए। छात्रों ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली, जिससे उनके भीतर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव और अधिक गहरा हुआ। इसके बाद परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जो पी.जी. ब्लॉक से होते हुए छात्र संघ चौराहा, समाजशास्त्र विभाग, वाणिज्य विभाग, साइबर लाइब्रेरी और टैगोर लाइब्रेरी से गेट नं.-4 तक पहुँचा। अभियान का समापन गेट नंबर.-1 पर सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न नारों के माध्यम से स्वच्छता और हरियाली का संदेश दिया, जैसे “जहां होगी स्वच्छता वहां होगी पवित्रता”, “क्लीन सिटी ग्रीन सिटी यही हमारी ड्रीम सिटी” और “बंजर भूमि की यही पुकार, वृक्ष लगाकर करो श्रृंगार।” इन नारों ने पूरे परिसर में उत्साह और जागरूकता का वातावरण बना दिया।
इस अभियान में शिक्षाशास्त्र विभाग के सभी शिक्षकगण भी सक्रिय रूप से शामिल हुए और उन्होंने छात्रों के साथ मिलकर पौधरोपण व स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उपस्थित शिक्षकों में प्रो. तृप्ता त्रिवेदी, प्रो. मुनेश कुमार, प्रो. आकांक्षा सिंह, डॉ. किरणलता डंगवाल, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. अपर्णा गोडबोले, डॉ. सूर्यनारायण गुप्ता, डॉ. संजय यादव, डॉ. बीना इन्द्राणी और डॉ. पूनम श्रीवास्तव शामिल रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. हेमेन्द्र कुमार सिंह ने आयोजन की रूपरेखा तैयार की और छात्रों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इको क्लब से जुड़े बी.एड. और एम.एड. के छात्रों ने न केवल पर्यावरणीय गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, बल्कि आयोजन, प्रचार-प्रसार और संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी ऊर्जा और उत्साह ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना दिया। यह कार्यक्रम केवल एक गतिविधि नहीं रहा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों का ऐसा उदाहरण बना जिसने विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरणीय चेतना को नई दिशा दी।
भविष्य की दृष्टि से शिक्षाशास्त्र विभाग ने यह निर्णय लिया है कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएँगे। विभाग की योजना है कि प्रत्येक सत्र में पौधरोपण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरणीय कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँ, ताकि छात्रों में सतत विकास और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया जा सके। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल परिसर को स्वच्छ और हरित बनाएंगे, बल्कि छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने और उसे अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। यह पहल विश्वविद्यालय के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह दर्शाती है कि सामूहिक प्रयासों से किसी भी संस्थान को पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर बनाया जा सकता है। “हरित व स्वच्छ लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर” अभियान ने यह साबित किया कि जब शिक्षक और छात्र मिलकर किसी उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं, तो उसका प्रभाव न केवल परिसर तक सीमित रहता है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश पहुँचाता है।

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