अम्बेडकर नगर: उत्तर प्रदेश के लेखपालों ने लंबित मांगों को लेकर दिया धरना, आंदोलन की दी चेतावनी
जलालपुर, अम्बेडकर नगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहत एकत्र हुए लेखपालों ने शनिवार को एक दिवसीय धरना देकर शासन से नौ वर्ष से लंबित अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की माँग की। लेखपालों ने कहा कि विभागीय सहमति के बावजूद उनकी कई मुख्य मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इनमें पद की शैक्षणिक योग्यता एवं पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान में वृद्धि, एसीपी विसंगति दूर करना, मृतक आश्रितों की पुरानी पेंशन से जुड़ी विसंगतियाँ, राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पदों का सृजन, स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करना तथा मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता स्वीकृत करना शामिल हैं। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के लगभग तीन हजार लेखपाल अपने गृह जनपद से सैकड़ों किलोमीटर दूर तनावपूर्ण परिस्थितियों में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शासनादेश के तहत अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के आवेदन तो ले लिए गए हैं, लेकिन स्थानांतरण सूची जारी नहीं की गई है, जबकि अन्य विभागों में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इसके अलावा, राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए वर्ष 2025-26 की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक अब तक नहीं बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन की ओर से 2 जुलाई एवं 3 सितंबर, 2025 को स्पष्ट निर्देश भी जारी किए गए थे। लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो वे इस आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप देंगे। इस धरना में संघ अध्यक्ष जयकरण, धर्मेंद्र सिंह, गुलनाज बानो, अरविंद कुमार, रविकांत त्रिपाठी, अजय प्रताप सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।