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कल अन्याय, अधर्म और अत्याचार पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व

मुख्यमंत्री ने श्री गोरखनाथ मन्दिर, गोरखपुर में शारदीय नवरात्रि के महानवमी पर्व पर कन्या पूजन के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया


आज जगत जननी मां भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा और अनुष्ठान के
साथ ही कन्याओं के पूजन का कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा, यह पर्व सनातन धर्म
परम्परा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का प्रतीक : मुख्यमंत्री

देश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व मातृ वंदना जैसी योजनाएं, प्रधानमंत्री जी के
नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वन्दन अधिनियम इस बात की गवाही कि
भारत ने हमेशा नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा

नारी शक्ति ने जीवन में प्रत्येक क्षेत्र में लीडरशिप प्रदान कर,
अपनी शक्ति व सामर्थ्य का एहसास दुनिया को कराया

विगत दिनों प्रदेश में मातृ शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन
से जुड़े मिशन शक्ति के पंचम चरण का शुभारम्भ किया गया

महिला सम्बन्धी अपराधों में अपराधियों को सर्वाधिक
सजा दिलाने वाले राज्यों में उ0प्र0 नम्बर एक पर

कल अन्याय, अधर्म और अत्याचार पर मर्यादा पुरुषोत्तम
भगवान श्रीराम की विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व

लखनऊ : 01 अक्टूबर, 2025 :ः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि के महानवमी पर्व की बधाई देते हुए कहा कि आज जगत जननी मां भगवती के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा और अनुष्ठान के साथ ही कन्याओं के पूजन का कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है। यह पर्व सनातन धर्म परम्परा में मातृ शक्ति व नारी शक्ति के प्रति आस्था का प्रतीक है। जगत जननी मां भगवती प्रदेशवासियों के जीवन में शक्ति का संचार करें, उन्हें प्रत्येक प्रकार से धन-धान्य से परिपूर्ण करें तथा सुरक्षा व समृद्धि के नये आयाम प्रदान करें।
मुख्यमंत्री जी आज श्री गोरखनाथ मन्दिर, गोरखपुर में शारदीय नवरात्रि के महानवमी पर्व पर कन्या पूजन के पश्चात मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नारी शक्ति के वन्दन और नारी शक्ति के सम्मान के प्रति वर्तमान पीढ़ी को जागरूक करने का अवसर प्रदान करता है। इस चराचर जगत आदि शक्ति, नारी शक्ति का ही एक रूप है। जगत जननी मां भगवती हमारे मन में नारी व मातृ शक्ति के प्रति आदर और श्रद्धा का भाव जाग्रत करने के साथ-साथ उनके प्रति हम सभी को आग्रही बनाती हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत की सनातन परम्परा ने प्रत्येक पवित्र कार्य व पवित्र वस्तु को नारी शक्ति के किसी न किसी रूप में रखकर वर्तमान और भावी पीढ़ी के लिए नई प्रेरणा प्रदान की है। देश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व मातृ वंदना जैसी योजनाएं तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वन्दन अधिनियम इस बात की गवाही है कि भारत ने हमेशा नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नारी शक्ति को जीवन के जिस क्षेत्र में भी लीडरशिप प्राप्त हुई, उसने अपनी शक्ति व सामर्थ्य का एहसास दुनिया को पुरजोर तरीके से कराया है। विगत दिनों प्रदेश में मातृ शक्ति की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन से जुड़े मिशन शक्ति के पंचम चरण का शुभारम्भ किया गया था। प्रत्येक जनपद में इससे सम्बन्धित सराहनीय इनीशिएटिव लिए गए हैं। यह कार्यक्रम सफलता की नई ऊंचाइयां छू रहा है। समाज में यदि नारी शक्ति स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती है, तो मानकर चलिए कि समाज की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश मिशन शक्ति के पांचवें चरण से सम्बन्धित व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए गये हैं। एण्टी रोमियो स्क्वॉयड शरारती तत्वों से सख्ती से निपट रहा है। पंचायत स्तर पर जन जागरण के माध्यम से महिला पुलिस कार्मिक इस विशेष कार्यक्रम से जुड़ रही हैं। महिला सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिला सम्बन्धी अपराधों में अपराधियों को सर्वाधिक सजा दिलाने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश नम्बर एक पर है। प्रदेश में महिला शक्ति के सम्मान व स्वावलंबन से जुड़े हुए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं या परिवारों को किसी न किसी रूप में 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन की सुविधा प्रदान की जा रही है। जन्म से स्नातक तक की शिक्षा हेतु 26 लाख बेटियों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत गरीब परिवार की बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी उठा रही है। इस योजना में विवाह हेतु निर्धारित धनराशि बढ़ाकर 01 लाख रुपये कर दी गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेवासियों को विजयादशमी की बधाई देते हुए कहा कि कल भारत की सनातन विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व है। अन्याय, अधर्म और अत्याचार पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विजय के प्रतीक इस महापर्व पर देश में प्रत्येक जगह बुराई, अधर्म और अत्याचार के प्रतीक रावण के पुतले जलाए जाएंगे। धर्म, सत्य और न्याय के प्रतीक भगवान श्रीराम के राजतिलक के कार्यक्रम हर जगह सकुशल सम्पन्न होंगे।

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