
जीवन मूल्यों से परिपूर्ण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही एकता व शान्ति स्थापना होगी
— श्री सागर गाँधी, शिक्षाविद्, आस्ट्रेलिया
लखनऊ, 30 अक्टूबर। आस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षाविद् एवं सिटी मोन्टेसरी स्कूल के पूर्व छात्र श्री सागर गाँधी ने आज सी.एम.एस. प्रधान कार्यालय पर आयोजित एक सेमिनार में बोलते हुए गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा पद्धति पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। इस अवसर पर सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी, सी.एम.एस. के टेक्निकल एडवाइजर श्री विनय गाँधी एवं श्रीमती मोना गाँधी समेत विद्यालय के अधिकारीगण व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सेमिनार में सी.एम.एस. शिक्षकों व कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए श्री सागर गाँधी ने कहा कि जीवन मूल्यों से परिपूर्ण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही विश्व एकता व विश्व शान्ति की स्थापना संभव है। भावी पीढ़ी में जीवन मूल्यों के विकास की सर्वश्रेष्ठ अवस्था बचपन ही है, ऐसे में बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में प्राइमरी शिक्षा का सर्वोपरि महत्व है। प्रारम्भ से ही बच्चों मन-मस्तिष्क में दया, करुणा, भाईचारा, सहिष्णुता, प्रेम, एकता, अहिंसा और शान्ति के विचार डालें, तभी ये बच्चे बड़े होकर मानवता का कल्याण कर सकेंगे।
इस अवसर पर सी.एम.एस. कार्यकर्ताओं व शिक्षकों ने श्री सागर गाँधी से बच्चों की शिक्षा-दीक्षा व उनके मानसिक व शारीरिक विकास सम्बन्धी अनकों सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। श्री सागर गाँधी ने सी.एम.एस. कार्यकर्ताओं के विभिन्न सवालों जैसे ‘क्या अभिभावकों द्वारा बच्चों के साथ नियमित रूप से समय बिताना जरूरी है’, ‘जब स्कूलों में सभी प्रकार की शिक्षा प्रदान की जाती है तो फिर अभिभावकों को बच्चों का मार्गदर्शन क्यों करना चाहिए’, ‘जब परिवार में माता-पिता दोनों कार्यरत हों, ऐसे में बच्चों में जीवन मूल्यों का विकास कैसे किया जा सकता है’ आदि तमाम सवालों के समुचित जवाब देकर भावी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त किया।
इस अवसर पर सी.एम.एस. की संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गांधी ने कहा कि सी.एम.एस. को अपने सभी पूर्व व वर्तमान छात्रों पर गर्व है जो विश्व एकता और विश्व शान्ति के मूल्यों को पूरे विश्व में प्रचारित-प्रवाहित करने में महती भूमिका निभा रहे हैं।



